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आसान हुआ भारत में बिजनेस करना: रिपोर्ट

देशी कंपनियों के लिए भारत में निवेश करना पहले से आसान हुआ है. ऐसा हम नहीं, बल्कि एक सर्वे में खुलासा हुआ है. इस रिसर्च में कहा गया है कि इंग्लैंड की कंपनियां भारत में बिजनेस करने को लेकर आशावादी हैं. इस सर्वे में 56 फीसदी कंपनियों ने माना कि भारत में बिजनेस करना पहले की तुलना में आसान हुआ है. साथ ही भ्रष्टाचार में भी कमी आई है. बता दें कि विश्व बैंक ने हाल ही में ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ की रैंकिंग जारी किया था, जिसमें भारत लगातार सुधार कर रहा है. साल 2020 के लिए इस रैंकिंग में भारत 14 की सुधार करते हुए 63वें स्थान पर है.
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रेग्जिट को लेकर चल रहे मौजूदा हालात को देखते हुए यूनाइटेड किंग्डम की कंपनियां अन्य देशों में कारोबार करने पर विचार कर रही हैं. सर्वे के दौरान 26 फीसदी कंपनियों ने माना कि जब यूरोपियन यूनियन से इंग्लैंड अलग होगा तो वो भारत के साथ व्यापार बढ़ाना चाहेंगी. 56 फीसदी कंपनियों ने माना कि भारत में व्यापार करना आसान हुआ है. वहीं, 21 फीसदी का मानना है कि इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है और 23 फीसदी ने इसपर कोई रया नहीं दी.
यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल की तरफ से जारी इस रिपोर्ट निश्चित ही मोदी सरकार को खुश करेगी, क्योंकि 2014 में ईज ऑफ डूईंग बिजनेस की रिपोर्ट में 50 फीसदी कंपनियों ने माना था कि बिजनेस के लिए भारत में सही माहौल नहीं है. इसका सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार बताया गया था. अब इसके ठीक पांच साल बाद केवल 17.5 फीसदी कंपनियों ने माना है कि भ्रष्टाचार की वजह से भारत में बिजनेस करने का माहौल ठीक नहीं है. हालांकि, कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया पर अभी भी बहुत
यूके की कंपनियों का मानना है कि भारत में उनके लिए टैक्स व्यवस्था एक गंभीर मसला है. 28.6 फीसदी कंपनियों ने माना कि सरकार को ब्यूरोक्रेसी बेहतर करने की जरूरत है. वहीं, 16.9 फीसदी कंपनियों ने माना कि सरकार को वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी की प्रक्रिया में और सुधार की जरूरत है. उनका कहना है कि मौजूदा समय में जीएसटी की प्रक्रिया अधिक पेंचीदा है.

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