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कोरोना के शुरुआती मामले चीन, ईरान और इटली से संबंधित थे

दुनिया भर में फैले जानलेवा कोरोना वायरस संक्रमण की उत्‍पत्ति चीन में हुई मानी गई है. इसके सबूत भी होने का दावा किया जा चुका है. अब एक और अध्‍ययन में यह बात स्‍पष्‍ट होती है. मेडिकल जर्नल लांसेट ने एक शोध में दावा किया है कि महामारी बनने से पहले चीन के बाहर कोरोना वायरस संक्रमण के दो तिहाई मामले उन लोगों में सामने आए थे, जिन्‍होंने चीन, इटली और ईरान की यात्रा की थी. ये मामले 31 दिसंबर से 10 मार्च के बीच में दर्ज किए गए थे.
यह अपने आप में पहला ऐसा अध्‍ययन है जिसने सार्वजनिक रूप से मौजूद वैश्विक डाटा का इस्‍तेमाल करके यात्रा के इतिहास को मद्देनजर रखकर चीन के बाहर सामने आए कोरोना वायरस के पहले मामले का पता लगाने की कोशिश की है. कोरोनो वायरस का पता पहली बार चीन में फैलने से पहले मध्य चीनी शहर हुबेई प्रांत के वुहान में लगाया गया था. इसके बाद यह पूरे विश्‍व में इतिहास की सबसे बड़ी महामारियों में से एक बन गई. अब वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से इसे मार्च में महामारी घोषित किए जाने के बावजूद यह चीन के बाहर कैसे फैला.
द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में बुधवार को प्रकाशित इस अध्ययन में डब्‍ल्‍यूएचओ की ओर से कोरोना को महामारी घोषित किए जाने से पहले एक दिन पहले यानी 10 मार्च तक के डाटा को शामिल किया गया है. चीन से बाहर के 75 देशों ने पहले कोविड-19 मामलों की सूचना दी थी. इनमें व्‍यक्तियों ने हाल ही में एक प्रभावित देश की यात्रा की गई थी. इनमें से दो तिहाई मामले ऐसे थे, जिनमें लोगों ने इटली (27%), चीन (22%) या ईरान (11%), की यात्रा की थी.
देश में गुरुवार को पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड नए मामले दर्ज किए हैं. देश में अब तक 15 लाख 83 हजार 792 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. एक दिन में पहली बार कोरोना के 50 हजार से ज्यादा मामले आए हैं. 24 घंटे में देशभर में कोविड-19 के रिकॉर्ड 52 हजार 123 नए मरीज बढ़े. 775 लोगों की मौत भी हुई है. इसके साथ ही देश में मरने वालों का आंकड़ा 35 हजार पार हो चुका है. अब तक 10 लाख 6 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं.

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