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कोरोना वायरस : 10 अगस्त तक आ सकती है पहली वैक्सीन

रूस ने दावा किया है कि 10 से 12 अगस्त के बीच कोरोना की वैक्सीन को लॉन्च कर दिया जाएगा. ये कोरोना को मात देने के लिए दुनिया की पहली वैक्सीन है. समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग के मुताबिक लॉन्च को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है. रिपोर्ट के मुताबिक पहले इसे रजिस्टर्ड किया जाएगा और फिर 3 से 7 दिनों के अंदर ये वैक्सीन लोगों के लिए बाज़ार में उपलब्ध होगी. रूस की तरफ से पहले कहा गया था कि 15-16 अगस्त तक ये वैक्सीन आएगी. इस वैक्सीन को गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर आफ ऐपीडेमीलॉजी एंड माइक्रोबॉयोलॉजी ने तैयार किया है.
स्पूतनिक न्यूज ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा कि इस टीके को लगाने के बाद नतीजे बहुत सकारात्मक आए हैं. ट्रायल किए जा रहे व्यक्ति की इम्यूनि​टी सिस्टम बेहतर रिस्पांस कर रही थी. व्यक्ति पर किसी भी किस्म का साइड इफेक्ट नहीं पाया गया. वॉलंटियर का बुरडेंको हॉस्पिटल में टेस्ट किया गया. गामालेया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना इस वैक्सीन को आम जनता के इस्तेमाल के लिए 10 अगस्त तक मंजूरी दिलवा लेंगे. लेकिन सबसे पहले फ्रंटलाइन हेल्थवर्कर्स को दी जाएगी. यानी वो लोग कोरोना के इलाज में जुटे हैं
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रूस की इस वैक्सीन को लेकर कई तरह की चिंताएं जाहिर की है. WHO ने कहा है कि रूस ने वैक्सीन बनाने के लिए तय गाइडलाइंस का पालन नहीं किया है, ऐसे में इस वैक्सीन की सफलता पर भरोसा करना मुश्किल है. WHO के प्रवक्ता क्रिस्टियन लिंडमियर ये कहकर सबको चौंका दिया कि अगर किसी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल किए बगैर ही उसके उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाता है, तो इसे खतरनाक मानना ही पड़ेगा.
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि दुनियाभर में 6 वैक्सीन का काम तीसरे पेज में पहुंच गया है. लेकिन WHO का ये भी कहना है कि फिलहाल इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ये सारी वैक्सीन कामयाब होगी. दुनिया भर में फिलहाल 165 वैक्सीन पर काम चल रहा है. जिसके अलग-अलग फेज के ट्रायल चल रहे हैं. WHO के मुताबिक इस वक्त 26 वैक्सीन ऐसे हैं जिसके क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं.

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