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जनगणना में सिख निशान बॉक्स से जुड़ा केस, ब्रिटिश हाईकोर्ट ने खारिज किया

लंदन के उच्च न्यायालय ने 2021 में ब्रिटेन में होने वाली अगली जनगणना के पर्चे में निशान लगाने के लिए संबंधित पृथक सिख बॉक्स के वास्ते एक ब्रिटिश सिख संगठन द्वारा दायर न्यायिक समीक्षा अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति बेवेर्ली लैंग ने व्यवस्था दी कि आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया कि यह जल्दबाजी पूर्ण कदम है और सत्ता के विभाजन पर संसदीय विशेषाधिकार एवं संवैधानिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने नवंबर में दो दिन तक सुनवाई करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस दौरान उन्होंने सिख फेडरेशन (ब्रिटेन) की दलीलें और ब्रिटेन के सचिवालय की जवाबी दलीलें सुनीं।

सिख फेडरेशन ब्रिटेन ने दावा किया था कि सचिवालय द्वारा संसद के सामने यूके ऑफिस फोर नेशनल स्टेटिक्स के दिसंबर, 2018 के श्वेत पत्र के प्रस्तावों पर आधारित जणगणना आदेश रखना अवैध है। इस श्वेत पत्र में पृथक निशान बॉक्स को खारिज कर दिया गया था। न्यायाधीश ने पिछले हफ्ते अपने फैसले में कहा कि यह मामला अपवाद नहीं है जो सामान्य नियम से अलग बात को सही ठहराता हो। 

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