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पहला हिरासत केंद्र अगले साल तक बनेगा, इस में स्कूल-अस्पताल भी होंगे

डिटेंशन सेंटर के लिए 15 इमारतें बनाई जा रही हैं, जो चार मंजिला होंगी
डिटेंशन सेंटर के लिए 15 इमारतें बनाई जा रही हैं, जो चार मंजिला होंगी

असम के गोलापारा जिले के पश्चिम माटिया में भारत के पहले हिरासत केंद्र (डिटेंशन सेंटर) का निर्माण किया जा रहा है। इससे जुड़े जूनियर इंजीनियर (जेई) ने शनिवार को बताया कि डिटेंशन सेंटर के लिए 15 इमारतें बनाई जा रही हैं, जो चार मंजिला होंगी। यहां पर अवैध रूप से भारत में रहने वाले लोगों को रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2018 में शुरू हुआ था और इसके अगले साल तक पूरे होने की उम्मीद है।

जेई रबिन दास ने न्यूज एजेंसी से कहा कि करीब 46 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे हिरासत केंद्र में 13 इमारतें पुरुषों के लिए और दो महिलाओं के लिए होंगी। यहां पर शौचालय, अस्पताल, रसोई, डाइनिंग एरिया और एक स्कूल भी होगा। 2,88,000 स्क्वेयर फीट में बनने वाले केंद्र में सुरक्षाबलों और अधिकारियों के लिए अलग से रहने की सुविधा होगी। चतुर्थ श्रेणी अधिकारियों के लिए भी आवास बनाए जाएंगे। दो सुरक्षा बैरक और 50 हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी भी बनाई जा रही है।असम में अवैध तरीके से रहने वाले लोगों को भारतीय नागरिक से अलग करने के लिए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) तैयार की गई है। एनआरसी की अंतिम सूची 31 अगस्त को जारी की गई थी जिसमें 19 लाख लोगों का नाम नहीं है। अगर कोई लिस्ट से सहमत नहीं है तो वह 120 दिनों के अंदर फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता है। असम देश का अकेला राज्य है, जहां सिटिजन रजिस्टर है। अंतिम प्रक्रिया के बाद भी जो भारतीय नागरिक नहीं माने जाएंगे, उन्हें हिरासत केंद्र भेज दिया जाएगा।

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